संपादकीय कार्यकारिणी

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डॉ. रूपेश कुमार सिंह
असिस्टेंट प्रोफेसर
हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग
महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा(महारास्ट्र)
जन्मतिथि- 01 मई, 1980
शैक्षणिक योग्यता-  
‘रामविलास शर्मा की साहित्येतिहास संबंधी मान्यताएँ और उनकी इतिहास दृष्टि’ विषय पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय,इलाहाबाद से वर्ष 2007 में डी.फिल की उपाधि  |
शैक्षणिक एवं शोध अनुभव-  
प्रोजेक्ट फेलो, ‘असिहस्स’ योजना, हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद में यू.जी.सी. द्वारा संचालित (अक्टूबर 2008 से मार्च 2010 तक शोध एवं शिक्षण कार्य) |
असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (16 जून 2010 से कार्यरत)|
सदस्य,‘वर्धा शब्दकोष’ मूल्यांकन समिति, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (30नवम्बर 2012 से कार्य पूर्ण होने तक)|
प्रशानिक अनुभव –
अधीक्षक, भगत सिंह छात्रावास,महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (08.2014 से 08.02.2017 तक)|
सहायक निदेशक, शिक्षण-प्रशिक्षण अधिगम केंद्र, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (कार्यरत)|
संयोजक, ‘आखर आद्यतन प्रकोष्ठ’, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (19 जून 2013 से कार्यरत)|
सलाहकार, सिविल/डिफेंस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग क्लास, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (19फरवरी 2014 से कार्यरत )|
सलाहकार, समान अवसर प्रकोष्ठ, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (कार्यरत)|
 पुस्तक प्रकाशन –
‘रामविलास शर्मा की साहित्येतिहास दृष्टि’(ISBN-81-88216-83-6), राका प्रकाशन, इलाहाबाद
पुस्तक-अध्याय :
2011
‘भारतेंदु युग में पुस्तक समीक्षा का स्वरुप’, पुस्तक- ‘काव्य पुस्तक समीक्षा का स्वरूप’(संपादक-रामकिशोर शर्मा),हिंदी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद द्वारा प्रकाशित|
द्विवेदी युगीन कविता पुस्तक समीक्षा’, पुस्तक- ‘काव्य पुस्तक समीक्षा का स्वरुप’(संपादक-रामकिशोर शर्मा),हिंदी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद द्वारा प्रकाशित|
2012
‘हिंदी साहित्य में स्त्री मुक्ति की वैचारिकी’, पुस्तक – ‘महिला सशक्तिकरण एवम् साहित्य’,जय भारती प्रकाशन इलाहाबाद|
2016
‘भूषण का युगबोध और काव्यकला’ पुस्तक- ‘रीतिकालीन काव्य मूल्यांकन के नये आयाम’( संपादक- प्रभाकर सिंह), लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद |
‘आदिवासी और प्रति औपनिवेशिक चिंतन’, पुस्तक-उत्तर-आधुनिकता और आदिवासी विमर्श (संपादक-डॉ.विनोद विश्कर्मा),जे.टी.एस.पब्लिकेशन्स, दिल्ली |
पटकथा एवं संवाद लेखन :
2011
‘मुहावरे’ (फिल्म) , महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा ( महाराष्ट्र) |
शोध-पत्र :
2007
‘रामविलास शर्मा की इतिहास दृष्टि’, ‘अनुसंधान’ (ISSN-2249-9318), अंक-३,हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय,इलाहाबाद
‘रामविलास शर्मा की दृष्टि में भारतेंदु हरिश्चंद्र’, ‘अनुशीलन’(ISSN-2249-930X),संयुक्तांक १-२,भारतीय हिंदी परिषद्, प्रयाग|
‘रामविलास शर्म की साहित्येतिहास संबंधी मान्यताएँ’, ‘नागरी’(दिसंबर), नागरी प्रचारणी सभा, वाराणसी|
2008
‘परम्परा और इतिहास का अन्त:संबंध’, ‘अनुसंधान’(ISSN-2249-9318) अंक-५,हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय,इलाहाबाद |
2009
हिंदी आलोचना का दलित पक्ष’, ‘शब्दयोग’(दलित विशेषांक), नई दिल्ली |
2011
‘आधुनिकता बोध और रामविलास शर्मा’, ‘साहित्य भारती’(ISSN-65194/96), उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ|
2012
‘रामविलास शर्मा के निकष पर प्रेमचंद’, ‘हिन्दुस्तानी’, हिन्दुस्तानी एकेडमी, इलाहाबाद(अक्टूबर-दिसंबर|
‘हिंदी जाति की अवधारणा और रामविलास शर्मा’,‘मध्यभारती’-64 (ISSN-0974-0066 S),हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर |
‘हिंदी अनुसंधान;दशा दिशा और चुनौतियाँ’ ‘अनुशीलन’ (ISSN-2249-930X),संयुक्तांक 1-4(जनवरी-दिसंबर), भारतीय हिंदी परिषद्, प्रयाग|
2015
‘लोकतंत्र और नक्सलवाद’, ‘The Equanimist’(ISSN-2395-7468), Volume-1, Issu
2&3, ओरिएंटल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ह्युमन डेवलपमेंट, इलाहाबाद.
2017
‘इंटरनेट पर हिंदी’, इटावा हिंदी सेवा निधि द्वारा प्रकाशित स्वर्ण जयंती विशेषांक|
2018
‘विध्वंस और निर्माण का लेखक: दूधनाथ सिंह’, ‘बहुवचन’ (ISSN-2348-4586), Volume-56 (जनवरी- मार्च), महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
पुस्तक समीक्षा :
2012
‘संवेदनशील आत्माओं की त्रासदी’, ‘पुस्तक वार्ता’ (मार्च-अप्रैल), महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा, महाराष्ट्र |
‘परम्परा का मूल्यांकन’, ‘बहुवचन’(अक्टूबर-दिसंबर,2012 ), महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा, महाराष्ट्र |
पाठ्य सामग्री लेखन:
2016
‘भूषण का काव्य’
‘आदिकालीन पृष्ठभूमि और परिस्थितियां’,
पुनश्चर्या कार्यक्रम:
2014
सहभागिता,‘उत्तर आधुनिकता’ विषय पर आयोजित (8-28 फरवरी ),एकेडमिक स्टाफ कॉलेज, गोवा विश्वविद्यालय, गोवा|
2016
सहभागिता,‘मध्यकालीन हिंदी का वर्तमान’ विषय पर आयोजित (16-29 फरवरी), हिंदी एवं तुलनात्मक साहित्य महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा|
2018
सहभागिता, SPECIAL WINTER SCHOOL (16 फरवरी 2018 से 08 मार्च 2018 तक) ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद|
विशेष व्याख्यान:
2013
हिंदी कार्यशाला , पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड,स्टेसन, वर्धा(महाराष्ट्र)|
2015
‘आंबेडकरवाद और मार्क्सवाद : पारस्परिकता के धरातल’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला (2-4 अक्टूबर),जनवादी लेखक संघ,बाँदा,उत्तर प्रदेश |
2016
‘जाति वर्ग और जेंडर’विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला(1,2,3 अक्टूबर ), जनवादी लेखक संघ,इलाहबाद, उत्तर प्रदेश|
राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजन समिति सदस्य:
2011
‘हासियेकरण का प्रतिरोध, वर्चस्व की चुनौती; जेंडर राजनीति की पुनर्दृष्टि(21-24जनवरी), महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र)|
2013
‘मध्य भारत में आदिवासी अशांति;करण चुनौतियाँ और संभावनाएं’(26-27 अगस्त), मानव शास्त्र विभाग, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र)|

मृत्युंजय प्रभाकर 

सम्प्रति – असिस्टेंट प्रोफेसर ( विश्व-भारती विश्वविद्यालय, शान्ति निकेतन ( नाट्यकला विभाग )।

जन्म  – 14 सितंबर, 1979 को बिहार के नालंदा जिले के सैदनपुर गांव में। 

शिक्षा – लेखक अंग्रेजी साहित्य में स्नातक हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के कला एवं सौंदर्यशास्त्र विद्यालय से थिएटर एंड परफार्मेंस स्टडीज में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। हालांकि उनका यकीन है कि खेत-खलिहानों और सड़कों पर चलने वाले वाद-विवाद और संघर्षों ने न सिर्फ उन्हें ज्यादा सिखाया है बल्कि उनका सौंदर्यबोध भी वहीं से निर्मित हुआ है।

लेखन – लेखक ने आधे दर्जन से अधिक मौलिक नाटकों की रचना की है। इनमें ‘अषाढ़ के तीन दिन’, ‘ख़्वाहिशें’, ‘आओ नाटक नाटक खेलें’, ‘साधो देखो जग बौड़ाना’, ‘जी हमें तो नाटक करना है’, ‘सुसाइड’, ‘हे राम’, ‘तेरी मेरी कहानी है’ आदि प्रमुख हैं। इनमें अधिकांश नाटकों का मंचन देश भर में हो चुका है और लगभग सभी प्रकाशित भी है। इनके अलावा उन्होंने केन्याई उपन्यासकार व नाटककार न्गूगी व थ्योंगो लिखित नाटक ‘द ब्लैक हरमिट’ और कन्नड़ कवि व नाटककार एच.एस. शिवप्रकाश लिखित नाटक ‘मदैय्या, द काॅबलर’ का रूपांतरण हिंदी में ‘जाएं तो जाएं कहां’ और ‘मोची मदैय्या’ नाम से किया है। यह दोनों ही रचनाएं प्रदर्शित और प्रकाशित भी हैं। इनके अलावा नाट्य आलोचना की उनकी एक पुस्तक ‘समकालीन रंगकर्म’ भी प्रकाशित है। लेखक समकालीन हिंदी साहित्य में युवा कवि के रूप में भी अपनी खास पहचान रखते हैं और उनका एक कविता संग्रह ‘जो मेरे भीतर हैं’ साहित्य अकादमी से प्रकाशित है। लेखक पिछले 25 वर्षों से नाटक, सिनेमा, साहित्य और कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं और संबंधित विषयों पर देशभर के प्रमुख अखबारों-पत्रिकाओं में निरंतर लिखते आ रहे हैं। 

रंगमंच से जुड़ाव – लेखक पिछले 25 सालों से पूर्णकालिक तौर पर सहर (नई दिल्ली), अभियान (पटना), प्रेरणा (पटना) आदि रंगसंस्थाओं से जुड़े रहे हैं। उन्होंने ‘साधो देखो जग बौड़ाना’, ‘सबसे उदास कविता’, ‘ख़्वाहिशें’, ‘जी हमें तो नाटक करना है’, ‘ध्रुवस्वामिनी’, ‘विठ्ठला’, ‘सुसाइड’, ‘हे राम’, ‘तेरी मेरी कहानी है’, ‘एक अजनबी से मुलाकात’, ‘वह’ आदि दर्जन भर नाटक निर्देशित किए हैं और दो दर्जन से भी अधिक नाटकों में बतौर अभिनेता या प्रकाश परिकल्पक जुड़े रहे हैं। 

पुरस्कार – लेखक को प्रदर्शन कला लेखन के लिए बिहार सरकार की ओर से बिहार के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 2012 में प्रथम ‘बिहार युवा कला पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। लेखक की कहानी ‘यमुना पुश्ते का प्यार’ को विश्व हिंदी सचिवालय, माॅरीशस द्वारा 2013 में सांत्वना पुरस्कार प्राप्त है। कविताओं के लिए पाखी पत्रिका द्वारा दिया जाने वाला ‘युवा शब्द साधक पुरस्कार भी उन्हें उनकी कविता ‘हम लड़ेंगे’ पर 2011 में प्रदान किया जा चुका है और 2016 का पंकज सिंह स्मृति पुरस्कार भी इन्हें प्राप्त हुआ है. 

नाम – डॉ.मीनू शर्मा
हिन्दी प्राध्यापिका, जवाहर लाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र , भारतीय राजदूतावासमॉस्को ।
शिक्षा –एम.ए.हिन्दी, एम.ए.शिक्षा,बी.एड., पी-एच.डी.(हिन्दी साहित्य )
– उपलब्धियां – दूरदर्शन दिल्ली के लिए कार्य
– मॉस्को टेलीविज़न (मॉस्को 24)पर कार्यक्रम
– अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रीय हिन्दी सम्मेलन मॉस्को 2016 की आयोजन समिति की मुख्य सदस्या ।
– अनेक राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय कविताओं ,भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में निर्णायक मण्डल की सदस्या
– मॉस्को में अनेक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में सहभागिता तथा अनेक हिन्दी गोष्ठियों और कार्यक्रमों का आयोजन और मंच संचालन ।
– भारतीय राजदूतावासमॉस्को द्वारा आयोजित अनेक कार्यक्रमों का सफल संचालन
– हिन्दी क्लब हिन्दी सभा की निर्माण समीति की सदस्या तथा मुख्य संचालिका
– जवाहर लाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र मॉस्को में रूसी नागरिकों को हिन्दी सिखाने के साथ- साथ मॉस्को के अनेक विश्वविद्यालयों में भी आगंतुक प्रध्यापिका के रूप में नियमित अध्यापन ।
– अनुवाद और सम्पादन कार्य में भी संलग्न
साहित्य रचना -“से रा यात्री” के उपन्यासों में जीवन मूल्य
– भारतीय मन संग रूसी रंग (रूसी हिन्दी में काव्य संग्रह )
– पर्दे के पीछे की बेखौफ आवाज़ें ( साझा संग्रह )
– नई उमंग पुस्तक में कविताओं का प्रकाशन
– शब्दों की अदालत में ( साझा संग्रह )
-‘ विश्व हिन्दी समाचार” ‘और “ गगनाञ्चल” में रिपोर्ताज प्रकाशित
– नई दिशा पत्रिका रूस सम्पादन मण्डल की सदस्या

– अनेक पत्र पत्रिकाओं में कविताओं, लेखों और नाटकों निरंतर प्रकाशन
– पुस्तक प्रकाशन तथा सम्पादन की कुछ अन्य योजनाओं में भी संलग्न ।
सम्पादन – ‘वोल्गा के तल से गंगा के जल तक’ रूसी हिन्दी प्राध्यापकों तथा विद्यार्थियों के लेखों का संग्रह
– दिल्ली सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ अध्यापिका पुरस्कार
– हिन्दी भवन दिल्ली द्वारा सर्वश्रेष्ठ अध्यापिका के रूप मे सम्मानित
– अनेक संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत

डॉ. मधुलिका बेन पटेल
सहायक प्राध्यापक
हिन्दी विभाग
तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तिरुवारूर, तमिलनाडु

शिक्षा :
• एम फिल. ‘प्रतिबंधित कविताओं में मुक्ति का सवाल (1857-1947)’ जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय2011
• पीएच डी. ‘प्रतिबंधितहिन्दीसाहित्य में मुक्ति का सवाल(1857-1947)’जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय2016
शैक्षणिक अनुभव :
• सहायक प्राध्यापक, हिन्दी विभाग, तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तिरुवारूर, तमिलनाडु 26 मई 2016से
• सहायक प्राध्यापक, हिन्दी विभाग, भारती कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली सितम्बर2012-अगस्त2014
संपादन:
• ‘कलम’ पत्रिका,तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तिरुवारूर,फरवरी2017 से
प्रकाशन
पुस्तक:
• ‘प्रतिबंधित हिन्दी कविताएँ’, स्वराज प्रकाशन दरियागंज, नई दिल्ली ISBN 978-93-83513-54-3, 2016
पुस्तकों में लेख :
• विद्यानिवास मिश्र के निबंधों में सांस्कृतिकचेतना (हिन्दी साहित्य में भारतीय संस्कृति : पुनर्खोज: सं. अम्बे कुमारी, प्रोग्रेसिव बुक सेंटर, काशी हिंदी विश्वविद्यालय, वाराणसी)ISBN 0978-81-85997-33-0, 2018पृष्ठ संख्या :97-105
• निराला की कविताओं में राष्ट्र-मुक्ति के प्रश्न (निराला साहित्य के विविध स्वर:डॉ. संतोष कुमार पाण्डेय; प्रभा श्री विश्व भारती प्रकाशन, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश)ISBN978-93-83519-25-5, 2016पृष्ठ संख्या :28-33
• महादेवी के रेखाचित्रों में प्रकृति (हिन्दी साहित्य और पर्यावरणीय चेतना:सं.मीना शर्मा, नमन प्रकाशन) ISBN 978- 81-8129-504-0, 2014पृष्ठ संख्या :137-143
पत्रिकाओं में लेख :
• महिला पत्रकारिता : आज़ादी केपूर्व बनाम आज़ादी के बाद; जनकृति(अंतर्राष्ट्रीयई पत्रिका) सं. कुमार गौरव मिश्रा, फरवरी-मार्च 2018 वर्ष 3, अंक 34-35ISSN 2454-2725
• वेदना और मुक्ति की कहानीकार : अल्पना मिश्र;जनकृति(अंतर्राष्ट्रीयई पत्रिका) सं. कुमार गौरव मिश्रा, जनवरी 2018वर्ष 3, अंक 33ISSN 2454-2725
• प्रतिबंधित हिन्दी साहित्य में प्रवासी भारतीय;जनकृति(अंतर्राष्ट्रीयई पत्रिका) सं. कुमार गौरव मिश्रा, अक्टूबर 2017वर्ष 3, अंक 30ISSN 2454-2725
• हस्तक्षेप का कवि : विनोद कुमार शुक्ल; गर्भनाल(ई पत्रिका) सं. सुषमा शर्मा, वर्ष 7 अंक 6 अगस्त 2017ISSN 2249-5967
• लाल क्रांति के पंजे में : गुलामी और दमन के साम्राज्य पर वार करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी,जनकृति(अंतर्राष्ट्रीयई पत्रिका) सं. कुमार गौरव मिश्रा, मई-जून 2017वर्ष 3, अंक25-26ISSN 2454-2725
• अपराधी बादशाह जो बन बैठा; स्त्रीकाल, सं. संजीव चन्दन नवम्बर 2016ISSN 2394-093X
• प्रतिबंधित हिन्दी कविताओं में मजदूर चेतना;इस्पातिका, सं. अविनाश कुमार सिंह, जून 2015ISSN 2231-4806पृष्ठ संख्या :98-109
• प्रतिबंधित हिंदी कविताओंमें किसान; इस्पातिका, सं. अविनाश कुमार सिंह, जून 2014ISSN 2231-4806 पृष्ठ संख्या :175-187
• ‘जे. एन. यू. का बदलता परिदृश्य : स्त्री हिंसाऔर कैंपस’; लहक,सं. विभ्यांशु दिव्याल, कोलकाता, नवम्बर-दिसंबर2013,DL NO. 144- 24.07.20 13पृष्ठ संख्या :57-59
• महादेवी के रेखाचित्र में संवेदना और शिल्प; शोध प्रेरक, सं. शशिभूषण पोद्धार, लखनऊ, वर्ष 3, जुलाई 2013, ISSN 2231- 413Xपृष्ठ संख्या :105-107
• प्रतिबंधितहिन्दी कविताओं में दलित चेतना के स्वर; बहुरि नहिं आवना, सं. प्रो. श्यौराज सिंह बेचैन, दिल्ली विश्वविद्यालय, मार्च 2013, आर एन आई नंDELHIN /2008/27588पृष्ठ संख्या :35-37
• डॉ. रामविलास शर्मा का स्त्री विषयक दृष्टिकोण; समकालीन चेतना, सं. सुरेन्द्र कुमार सुमन, जून 20122231-1955 BIHHIN 4954पृष्ठ संख्या :44-50

कविताएँ:
• ‘आज की हरियाली’ कादम्बिनी, सं. मृडाल पाण्डेय, जून 2008.
• ‘कैनवास के खतरनाक अंदेशे’ वाक्, सं. सुधीश पचौरी, अंक- 4, 2008
• ‘अंतहीन अंतर्वेदना’ -1, वाक्, सं. सुधीश पचौरी, अंक- 4, 2008
• ‘अंतहीन अंतर्वेदना’ -2, वाक्, सं. सुधीश पचौरी, अंक- 4, 2008
• अंतहीन अंतर्वेदना’ -3, वाक्, सं. सुधीश पचौरी, अंक- 4, 2008
• ‘समुन्दर’, जे. एन. यू. न्यूज – 2008
• ‘आखिरी जैसा कुछ’, संभावना, बी. एच. यू. सितम्बर-2008
• ‘मत तराशो मुझे’, अमर उजाला, 27 मई 2008
• ‘मकई की बालियों पर’,संभावना, बी. एच. यू. सितम्बर-2008
• ‘वो जिंदगी’, ज्योति, बी. एच. यू. 2005
• ‘बोलता चेहरा’, कादम्बिनी, सं. मृडाल पाण्डेय, जून 2005.
कहानी:
• ‘फैसला’, ज्योति, बी. एच. यू. 2006
रिपोर्ट:
• ‘जे. एन. यू. में सबलोग पत्रिका पर सेमिनार’ , सबलोग, सं. किशन कालजयी, अक्टूबर2009
• ‘याद किये गए राजबहादुर गौड़ और श्रीलाल शुक्ल’,जे. एन. यू. न्यूज – 2011

राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत पत्र :
• ‘आदिवासी स्त्रियों का जीवन यथार्थ’,अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, हिन्दी विभाग, बी. एच. यू. वाराणसी,उत्तर प्रदेश, दिसंबर 3-4, 2017
• ‘प्रतिबंधितहिन्दी साहित्य में दलित : विचारधारा और आन्दोलन’,अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, पटना विश्वविद्यालय, पटना, मार्च 27-29, 2016
• ‘वर्तमान समय में नैतिक-मूल्यों की प्रासंगिकता’ राष्ट्रीय सेमिनार,महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी, उत्तर प्रदेश, जून 15-17, 2013
• ‘मानवाधिकार एवं स्त्री शिक्षा’, अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी, उत्तर प्रदेश, दिसंबर 9, 2012
• ‘डॉ. रामविलास शर्मा की स्त्री विषयक दृष्टि’, अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, हिन्दी विभाग, बी. एच. यू. वाराणसी, उत्तर प्रदेश, अक्टूबर10-11, 2012
• ‘ब्रिटिश राज, प्रतिबंधित साहित्य और दलित’, अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, हिन्दी विभाग, बी. एच. यू. वाराणसी,उत्तर प्रदेश, फरवरी 21-22, 2011
कार्यशाला:
• 107 ओरिएन्टेशन कार्यक्रम, यू. जी. सी.- मानव संसाधन विकास केंद्र, जे. एन. यू. 4 सितम्बर– 29 सितम्बर 2017, ग्रेड- ए
• एक दिवसीय उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यक्रम ‘ई संसाधनों तक पहुँच’, तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तिरुवारूर 20 जुलाई 2018
• संकाय उन्नति कार्यक्रम, तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तिरुवारूर8 सितम्बर 2018
• एल एल सी -1, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, जुलाई 8-10, 2013

पुरस्कार:
• महादेवी वर्मा विशेष रचनात्मकता पुरस्कार, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय 2006-07
• अमर उजाला कैरियरटर्निग पॉइंट अवार्ड 2004