संपादकीय संयोजन टीम

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डाॅ.स्नेह सुधा
पोस्ट डाॅक्टोरल फ़ेलो, भारतीय भाषा केंद्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
जन्म- 1984, पूर्णिया, बिहार। शिक्षा- पीएच.डी. (हिंदी), ज.ने.वि.,न.दि.-110067
प्रकाशन – पुस्तक – प्रमुख हिंदी कवि और काव्य: रीतिकाल  (सहलेखन), प्रकाशन  संस्थान, नई दिल्ली, वक़्त-बेवक़्त (कविता संग्रह), स्वाक्षर प्रकाशन, नई दिल्ली, परदे के पीछे की बेख़ौफ़ आवाज़ें (सह संपादन) और शब्दों की अदालत में (सह संपादन), साहित्य संचय, नई दिल्ली,
शोध पत्र – ‘समाज में स्त्री और साहित्यकारों के पत्रों में उसकी अभिव्यक्ति’; 1915 . 1945 ई. भाषा पत्रिका में, ‘लोक संवेदना में लिपटी रेणु की कहानियाँ’ शोध दृष्टि शोध पत्रिका में, ‘महादेवी वर्मा के रेखाचित्र और संस्मरणों में व्यक्त सामाजिक सरोकार’ शोध अमृत शोध पत्रिका में, ‘अवध के लोकजीवन में 1857 की क्रांति का स्वरूप और नागर की दृष्टि’ वाद संवाद शोध पत्रिका में, ‘स्वतंत्र व्यक्तित्व की तलाश में स्त्री’ उपलब्धि शोध पत्रिका में और ‘हिंदी के वैश्विक परिदृश्य के निर्माण में इंटरनेट की भूमिका’ विश्व हिंदी पत्रिका 2013, माॅरीशस में।
पुस्तक समीक्षाएँ – ज़ख़्म हमारे  और नगरवधुएं अखबार नहीं पढ़तीं की समीक्षा जनसत्ता में, किस करवट की समीक्षा वर्तमान साहित्य साहित्यिक पत्रिका में, जयशंकर प्रसाद ग्रंथावली की समीक्षा जेएनयू परिसर पत्रिका में, दिमाग में घोंसले की समीक्षा टर्निंग इंडिया में, वैज्ञानिक युग में अंधविश्वासों का चक्रव्यूह की समीक्षा विज्ञान कथा त्रैमासिक पत्रिका में।
लेख- मतांतर स्तंभ में ‘समन्वय के बजाय’ जनसत्ता  में, ‘पद्मा रेणु से एक मुलाकात’ शीर्षक संस्मरण और ‘उत्तिमा केशरी की काव्य संवेदना के विविध आयाम’ शीर्षक लेख संवदिया साहित्यिक पत्रिका में।
कविताएँ – ‘कलंक’ वाक् साहित्यिक पत्रिका में, ‘फ़र्क़ नहीं पड़ता’ और ‘हार-जीत’ वर्तमान साहित्य साहित्यिक पत्रिका में, ‘मैं हूँ . . . तो!’ परिकथा साहित्यिक पत्रिका के नवलेखन अंक में, ‘लड़की’ षीर्षक कविता साहित्यिक पत्रिका अर्य संदेश  में,‘अप्रतीम साथ’, ‘भिक्षुक पुराण, ‘पुरुष और नारी’ तथा ‘संपादन के बाद’ शीर्षक कविताएँ वाद संवाद पत्रिका में ‘जल चुका है’, और ‘छù लेखन’, शीर्षक कविताएँ राजभाषा पत्रिका में तथा ‘बाट जोहती वह’ शीर्षक कविता बीएचयू की पत्रिका सृजन में प्रकाशित।
कहानियांँ – ‘फाँस’ और ‘बस इतना ही’ शीर्षक कहानियाँ संवदिया पत्रिका में, ‘क़दम क़दम मंज़िल’ शीर्षक कहानी फणीश्वरनाथ रेणु डाॅट काॅम वेबसाइट में प्रकाशित।
राष्ट्रीय  सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुति और प्रकाशन।
 
डॉ. अनुराधा चन्देल ओस 
शिक्षा – पी.एच.डी 
संप्रति-स्वतंत्र लेखन।
लेखन विधा – कविता, ग़ज़ल,  कहानी, हाइकू, निबन्ध, आदि। 
प्रकाशन – वागर्थ, आजकल, अहा!जिंदगी, संवेद (वाराणसी) , समकालीन स्पंदन, युग गरिमा,  अभिनव प्रयास, गूफ्तगू, कर्मनिष्ठा, सरस्वती सुमन,  अर्बाबे क़लम, अनन्तिम, वनिता , आगमन, सोच विचार, प्राची,  गूफ्तगू, सरस्वती सुमन, अधूरी ग़ज़ल, आदि अनेक पत्र पत्रिकाओँ में प्रकाशन। 
सम्मान – सहित्यायन मिर्ज़ापुर द्वारा-युवा लेखन सम्मान।
                महिमा प्रकाशन दुर्ग ,छ, ग,द्वारा-गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर                     सम्मान।
               डॉ. दयाराम स्मृति सम्मान-सोनभद्र।
               गुफ्तगू साहित्यिक संस्था इलाहाबाद द्वारा-सुभद्रा कुमारी                   चौहान सम्मान 2015।
               तुलसी अकादमी भोपाल द्वारा- तुलसी सम्मान 2016।
               आगमन संस्था द्वारा–युवा प्रतिभा सम्मान 2016।
               भारतीय साहित्य संस्था सिरिगुप्पा वल्लारी ,कर्नाटक                           द्वारा-भारतीय भाषा रत्न सम्मान।
               विक्रमशिला हिंदी विद्या पीठ भगलपुर द्वारा -डी.लिट् की                   मानद उपाधि ।

डॉ. कृष्ण सोनी

न्म : 15 मार्च, 1983 को बिहार के बेगुसराय जिले के चेरिया बरियारपुर गाँव में|

शिक्षा : 2008 में कशी हिन्दू विश्वविद्यालय से एम.ए. (हिंदी) अन्नामलाई विश्वविद्यालय, चिताम्बरम, तमिलनाडु से 2014, में एम. ए. (भाषाविज्ञान), हैदराबाद विश्वविद्यालय से एम.फिल.(2009), पीएच.-डी. (2014)

गतिविधियाँ : 2014-15 में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (छ.ग.) के हिंदी विभाग में सहायक प्राध्यापक (अस्थाई)| 2015-16 में तमिलनाडु केन्द्रीय विश्वविद्यालय (तमिलनाडु) के हिंदी विभाग में अतिथि प्राध्यापक| 2016-17 में हैदराबाद विश्वविद्यालय (तेलंगाना) के हिंदी विभाग में अतिथि प्राध्यापक| 2010 से अब तक आवर्तन थियेटर ग्रुप, हैदराबाद में सचिव के रूप में कार्य करते हुए देश के कई शहरों में नाटकों का निर्देशन किया और कई रंग कार्यशालाओं का आयोजन किया|

कृतियाँ : बदनाम मसीहा, प्रेम गली अति सांकरी, आखरी अदालत मूल नाटक का लेखन और निर्देशन| कई प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में समाजभाषाविज्ञान, फिल्म एवं अन्य विषयों पर केन्द्रित कई आलेखों का प्रकाशन शिवप्रसाद सिंह की कहानी ‘नन्हों’ एवं फनीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पंचलैट’ का नाट्य रूपांतरण निर्देशन|

सम्प्रति : वर्तमान में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (छ.ग.) के हिंदी विभाग में सहायक प्राध्यापक (अस्थाई) के रूप में कार्यरत|  

 

डॉ. सूर्या ई. वी
जन्म:- 31 मई, 1988 को केरल के कण्णूर जिले के कल्याश्शेरी गाँव में|
शिक्षा: 2008 में कण्णूर विश्विद्यालय, केरल से बी. ए, हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से एम. ए (2010), महात्मागांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय,वर्धा से पी.एच.डी (2017),एम.फिल (2011)|
कृतियाँ:- हिंदी और मलयालम की कहानियों में स्त्री विमर्श (बीसवीं सदी के अंतिम दशक के विशेष संदर्भ में), अनुवाद समीक्षा, हिंदी-मलयालम स्वयं शिक्षक |
राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय संघोष्ठियों में शोध पत्र प्रस्तुत| कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं आलेख प्रकाशित|
सम्प्रति: अनुवाद प्रोद्योगिकी विभाग, इलाहाबाद केन्द्र, महात्मागांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक (अस्थाई) के पद पर कार्यरत | मलयालम भाषा का अध्यापन |