अनंत / रेणु साहित्य पर केन्द्रित गीत

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खायेंगे  हम नई कसम

मेरीगंज1 में आओ हिरामन2
तोड़कर पुरानी कसम
खोजेगे हीराबाई3 को
खायेगें हम नई कसम

सुन लो पीड़ा
परती पुतरों4 की
करता नहीं ई
अब कोई रहम
पुरा हुआ न
सपना जित्तन5 का
आंखे है किसानों की नम

पूंजी का आया जमाना
बिकने लगा है जिस्म जिगर
बिखर रहा है
प्रेम का शिराजा
बढ़ गया है
जुल्मों सितम

मैला आंचल6 की धरती पर
आती न अब कोई
पिंजरेवाली मुनिया7
गुम हो गई ठुमरी8 की धुन
लिखे हम कैसे नई नज्म ?

संदर्भ:- 1 मैला आंचल का कथानक 2 मारे गए गुलफाम कहानी का नायक , 3  मारे गए गुलफाम कहानी की नायिका ,4 परानपुर के वाशि न्दों के लिए 5 परती परिकथा का पात्र , 6 रेणु की कालजयी कृति 7 नौटंकी की बाई के लिए मारे गये गुलफाम कहानी में उपयुक्त शब्द , 8 कहानी संग्रह का नाम।

रेणु साहित्य पर केन्द्रित गीत के रचनाकार फणीश्वरनाथ रेणु डॉट कॉम के संपादक व मॉडरेटर हैं ,

 

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