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कॉफी हाउस

फणीश्वरनाथ रेणु का दुर्लभ रिपोर्ताज / जै गं ...

बाढ़ की विभीषिका का दंश बिहार लंबे अरसे से झेल रहा है। बिहार के लिए बाढ़ आजादी...

लेख – संजीव चन्दन / ‘रेणु के उपन्यासों में दलित स्त्री...

बिहार के गया में जन्में संजीव चंदन चर्चित युवा संपादक हैं। स्त्री के सवालों को लेकर हर...

लेख / अनंत – रेणु और रिपोर्ताज

      उपन्यास के तरह ही रिपोर्ताज भी यूरोपीय साहित्य की देन है। उपन्यास का उदभव रेनेशां...

साक्षात्कार / ४४ साल पहले फणीश्वरनाथ रेणु से सुरेंद्र किशोर की...

’ यह आंदोलन तो जीने की चेष्टा है ।' लगभग 44 साल पहले 4 नवंबर 1974 को जेपी...

अस्मिता विमर्श

देशज अस्मिता के पहले रचनाकार हैं रेणु                      ...

कविता / फणीश्वर नाथ रेणु

मिनिस्टर मंगरू  कहाँ गायब थे मंगरू?'-किसी ने चुपके से पूछा। वे बोले- यार, गुमनामियाँ जाहिल मिनिस्टर था। बताया काम...

कविता / फणीश्वर नाथ रेणु

यह फागुनी हवा  यह फागुनी हवा मेरे दर्द की दवा ले आई...ई...ई...ई मेरे दर्द की दवा!आंगन ऽ बोले कागा पिछवाड़े कूकती कोयलिया मुझे...

कविता / फणीश्वरनाथ रेणु

सुंदरियो !                                 ...

कविता / फणीश्वरनाथ रेणु

बहुरूपिया                                 ...

कविता / फणीश्वर नाथ रेणु

     इमरजेंसी  इस ब्लाक के मुख्य प्रवेश-द्वार के समने हर मौसम आकर ठिठक जाता है सड़क के उस पार चुपचाप दोनों...