नज्म / अल्लामा इक़बाल

  राम को लेकर भारत में लंबे अरसे से बहस छिड़ी है। वर्तमान दौर में इस बहस को...

कविता / अकाल में सारस

  केदारनाथ सिंह तीन बजे दिन में आ गए वे जब वे आए किसी ने सोचा तक नहीं था कि ऐसे भी आ...

कविता / एक चिड़ा और एक चिड़ी की कहानी

 जयप्रकाश नारायण एक था चिड़ा और एक थी चिड़ी एक नीम के दरख़्त पर उनका था घोंसला बड़ा गहरा प्रेम...

कहानी / जहाँ लक्ष्मी कैद है

राजेंद्र यादव जरा ठहरिए, यह कहानी विष्‍णु की पत्‍नी लक्ष्‍मी के बारे में नहीं, लक्ष्‍मी नाम की एक...

कहानी / सआदत हसन मंटो

                                बू...

कहानी / सआदत हसन मंटो

खोल दो अमृतसर से स्पेशल ट्रेन दोपहर दो बजे चली और आठ घंटों के बाद मुगलपुरा पहुंची। रास्ते...

कविता / रामधारी सिंह “दिनकर”

आग की भीख धुँधली हुईं दिशाएँ, छाने लगा कुहासा,  कुचली हुई शिखा से आने लगा धुआँ-सा।  कोई मुझे बता दे,...

कविता / रामधारी सिंह “दिनकर”

कृष्ण की चेतावनी   वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब...

कविता / रामधारी सिंह “दिनकर”

दिल्ली यह कैसी चांदनी अम के मलिन तमिस्र गगन में कूक रही क्यों नियति व्यंग से इस गोधूलि-लगन में ? मरघट...

कविता / रामधारी सिंह “दिनकर”

परंपरा परंपरा को अंधी लाठी से मत पीटो उसमें बहुत कुछ है जो जीवित है जीवन दायक है जैसे भी हो ध्वंस से...