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रेणु अध्ययन

लेख / अनंत – रेणु और रिपोर्ताज

      उपन्यास के तरह ही रिपोर्ताज भी यूरोपीय साहित्य की देन है। उपन्यास का उदभव रेनेशां...

अनंत / रेणु साहित्य पर केन्द्रित गीत

  खायेंगे  हम नई कसम मेरीगंज1 में आओ हिरामन2 तोड़कर पुरानी कसम खोजेगे हीराबाई3 को खायेगें हम नई कसम सुन लो पीड़ा परती...

साक्षात्कार / ४४ साल पहले फणीश्वरनाथ रेणु से सुरेंद्र किशोर की...

’ यह आंदोलन तो जीने की चेष्टा है ।' लगभग 44 साल पहले 4 नवंबर 1974 को जेपी...