अनंत / रेणु साहित्य पर केन्द्रित गीत

  खायेंगे  हम नई कसम मेरीगंज1 में आओ हिरामन2 तोड़कर पुरानी कसम खोजेगे हीराबाई3 को खायेगें हम नई कसम सुन लो पीड़ा परती...